कम्युनिटी
काम पर जाते हुए अगर आपने कोई घायल सड़क का कुत्ता उठाया है, ले आइए। कोई पैसा नहीं, पहले कोई फ़ॉर्म नहीं। जानवर को मेज़ पर रखिए, हम शुरू कर देंगे।
लंबी सर्जरी, भर्ती और इम्प्लांट पर असली ख़र्च आता है। हम आपको वह ख़र्च बताएँगे और आपके साथ मिलकर उसका रास्ता ढूँढ़ेंगे। दरवाज़े से किसी को नहीं लौटाया जाता।
अगर आप विद्याधर नगर, शास्त्री नगर या झोटवाड़ा में किसी कॉलोनी को खाना खिलाते हैं या रेस्क्यू चलाते हैं, तो एक बार सामने डेस्क पर नाम लिखवा दीजिए। उसके बाद आपकी देखरेख के जानवरों का बिल कम दर पर बनेगा, और आपको सीधा नंबर मिलेगा ताकि गाड़ी में ख़ून बहते कुत्ते के साथ आपको किसी ग्रूमिंग अपॉइंटमेंट के पीछे लाइन में न लगना पड़े।
कम्युनिटी रजिस्टर के लिए रिसेप्शन पर पूछिए।
2019 से हमारे संस्थापक डॉक्टर दूसरे राज्य के एक क्लिनिक में सड़क के जानवरों का मुफ़्त इलाज करते आए हैं, बिना किसी प्रेस रिलीज़ और बिना किसी चंदा अभियान के। उसका ख़र्च वैसे ही चलता था जैसे यहाँ चलेगा। पैसे देने वाली प्रैक्टिस उसका ख़र्च उठाती है।
हम यह इसलिए बता रहे हैं क्योंकि आप पूछेंगे कि यह क्लिनिक किस बात पर खड़ा है, और यही ईमानदार जवाब है। हम आपसे पैसे नहीं माँग रहे और हम जनता से चंदा नहीं लेते।
अगर कोई घायल जानवर मिले
डरा हुआ और दर्द में जानवर मदद करने वाले को ही काटता है। सिर पर तौलिया या कपड़ा डालिए। अपना चेहरा उसके पास मत ले जाइए।
पानी भी नहीं, अगर जानवर मुश्किल से होश में है या चोट मुँह या पेट पर है। इंसान की दर्द की दवा कभी नहीं। पैरासिटामोल बिल्लियों की जान ले लेती है।
जानवर के नीचे तख़्ता, कपड़ा या खुला हुआ गत्ता सरकाइए और रीढ़ सीधी रखिए। रास्ते में हमें फ़ोन कर दीजिए ताकि मेज़ तैयार मिले।