सीधे जवाब। अगर आपका सवाल यहाँ नहीं है, क्लिनिक पर फ़ोन करके पूछ लीजिए। इस डेस्क पर किसी से नहीं कहा गया कि सवाल टालना है।
विज़िट
क्या अपॉइंटमेंट ज़रूरी है?
नहीं। क्लिनिक के समय में सीधे आ जाइए। स्लॉट बुक करने पर इंतज़ार कम होता है, और शनिवार को बहुत कम।
क्या साथ लाऊँ?
टीके का कार्ड, पुरानी रिपोर्ट और पर्चे, और अभी जो खाना दे रहे हैं उसका पैकेट या फ़ोटो। जानवर कोई दवा ले रहा है तो पत्ता साथ लाइए। कुत्ता पट्टे में, बिल्ली पिंजरे में।
कंसल्ट में कितना समय लगता है?
तीस मिनट मानकर चलिए। पहला कंसल्ट या उलझा हुआ केस और लंबा चलता है। हम पाँच मिनट वाली लाइन नहीं लगाते, इसीलिए बुक करने को कहते हैं।
क्या मैं अपने जानवर के साथ रह सकता हूँ?
हाँ, जाँच के दौरान और ज़्यादातर प्रक्रियाओं में। सर्जरी में नहीं। एक्स-रे के समय केस के हिसाब से हम आपसे बाहर जाने या एप्रन पहनने को कहेंगे।
क्या आप बिल्लियों को ठीक से देखते हैं?
हाँ। बिल्लियों के लिए अलग वेटिंग कोना और शांत मेज़ है। लाइन में आपकी बिल्ली घबराती है तो डेस्क पर बता दीजिए, हम आपको साइड रूम में ले लेंगे।
क्या आप खरगोश, पक्षी और छोटे जानवर देखते हैं?
रोज़ की देखभाल के लिए हाँ। कुछ ख़ास मामलों में हम ईमानदारी से बता देंगे कि कहीं और बेहतर रहेगा, और वह कहीं और कहाँ है।
इमरजेंसी और समय
क्या आप 24 घंटे खुले रहते हैं?
नहीं, और हम यह कहना बेहतर समझते हैं बजाय बोर्ड पर 24x7 लिखने के जिसे निभा न सकें। क्लिनिक का समय सोम से शनि सुबह 9 से रात 8 और रविवार सुबह 10 से दोपहर 2 है। इसके बाहर विज़िट पेज पर दिया इमरजेंसी नंबर मिलाइए। डॉक्टर आ सकते हैं तो आएँगे। अगर हम समय पर नहीं पहुँच सकते, तो घंटी बजते फ़ोन पर छोड़ने के बजाय तुरंत बता देंगे कि पास का कौन सा अस्पताल है।
इमरजेंसी किसे मानें?
सड़क दुर्घटना, तेज़ ख़ून बहना, दौरे, साँस की तकलीफ़, पेट का फूलकर सख़्त होना, पेशाब न होना, साँप का काटना, ज़हर, लू, बच्चा होने में दिक़्क़त, और किसी भी तरह का गिर जाना। सीधे चले आइए। इमरजेंसी हर बार अपॉइंटमेंट से पहले देखी जाती है।
क्या आप घर आते हैं?
क़रीब पाँच किलोमीटर तक, रोज़ की देखभाल, टीके और बूढ़े या न चल पाने वाले जानवरों के लिए। इमरजेंसी क्लिनिक में बेहतर सँभलती है जहाँ ऑक्सीजन, ड्रिप और एक्स-रे हैं।
पैसा
आपका कंसल्ट 350 रुपये क्यों है जब बाक़ी 200 लेते हैं?
क्योंकि यहाँ कंसल्ट का मतलब है तीस मिनट, लिखा हुआ प्लान, सात दिन के भीतर मुफ़्त फ़ॉलो-अप, और ऐसा डॉक्टर जो बेवजह पैसा ख़र्च करने से मना कर देगा। अगर आपको कम दाम में पाँच मिनट वाला चाहिए, जयपुर में उसकी कोई कमी नहीं और हम इससे इनकार नहीं करेंगे।
इलाज से पहले ख़र्च पता चलेगा?
हाँ। पहले अनुमान, फिर इलाज। आपकी हाँ के बिना कोई टेस्ट और कोई प्रक्रिया नहीं होती।
क्या आप टेस्ट और टीके थोपते हैं?
नहीं। जिस टेस्ट से आगे का इलाज नहीं बदलेगा, हम बता देते हैं और उसे छोड़ देते हैं। हमारे बिल में उन टेस्टों की भी एक लाइन होती है जो हमने जानबूझकर नहीं किए।
क्या आप पेट इंश्योरेंस लेते हैं?
हम आपको एक-एक चीज़ का बिल और पूरी रिपोर्ट देते हैं, जिसे भारत की हर पेट इंश्योरेंस कंपनी क्लेम के लिए मानती है। सीधे कैशलेस टाई-अप अभी नहीं हैं।
भुगतान कैसे करें?
नक़द, यूपीआई या कार्ड। कहिए तो रसीद व्हाट्सऐप पर।
इलाज ख़ुद
इंटीग्रेटेड होलिस्टिक का असल मतलब क्या है?
नींव आधुनिक पशु चिकित्सा है। उसके ऊपर हम कसरत, खानपान और नरम सहायक उपाय जोड़ते हैं, जहाँ वे काम आते हैं। एक टीम, एक फ़ाइल, एक प्लान। पूरा विवरण इंटीग्रेटेड केयर पेज पर है।
क्या यह सामान्य दवा की जगह है?
कभी नहीं। आपके जानवर को एंटीबायोटिक चाहिए तो एंटीबायोटिक मिलेगा। कोई भी वैकल्पिक चीज़ साथ में जोड़ी जाती है, और सिर्फ़ वहाँ जहाँ जोड़ना सुरक्षित है।
क्या आपकी लैब भरोसेमंद है?
लैब इसी इमारत में है, सिर्फ़ हमारे मरीज़ों के लिए, और हम बाहर के सैंपल नहीं लेते। यहाँ कोई रीडिंग किसी भी तरफ़ नहीं बदलता। मशीन जो छापती है, वही आपको मिलता है।
क्या हर बार वही डॉक्टर मिलेंगे?
ज़्यादातर हाँ। जब नहीं, तब फ़ाइल इतनी पूरी होती है कि अगले डॉक्टर को आपका जानवर पता होता है और आपको पिछले दो साल दोहराने नहीं पड़ते।
क्या आप खाना और सामान बेचते हैं?
एक छोटी शेल्फ़, जिसमें प्रिस्क्रिप्शन डाइट और ज़रूरी चीज़ें एमआरपी पर हैं। हम क्लिनिक हैं, पेट स्टोर नहीं, और जो थैला आपको नहीं चाहिए वह हम नहीं बेचेंगे।